मनुष्य जन्म मिलना, बुद्ध-धम्म का सुनना और पवित्र संघ का दर्शन करना अत्यंत दुर्लभ है। आचार्य धम्मयश
हमें बुद्ध द्वारा उपदेशित 'कर्म-फल सूत्र' का अध्ययन करना चाहिए।| Acharya Dhammayasha | आचार्य धम्मयश
'अनित्य' का अर्थ है जो स्थायी न हो, जो निरंतर बदलता रहे | Acharya Dhammayasha | आचार्य धम्मयश
हमें सांसारिक वस्तुओं के प्रति मोह नहीं पालना चाहिए। | Acharya Dhammayasha | आचार्य धम्मयश
संसार के अधिकांश जीव 'अनित्य' को शाश्वत मान बैठते हैं। | Acharya Dhammayasha | आचार्य धम्मयश
सांसारिक वस्तुओं का त्याग| Acharya Dhammayasha | आचार्य धम्मयश
यह शरीर अनित्य है, और धम्म अनात्म है | Acharya Dhammayasha | आचार्य धम्मयश
सुखावती लोक की महिमा | Acharya Dhammayasha | आचार्य धम्मयश
सांसारिक सुख क्षणिक और मिथ्या हैं; केवल निर्वाण का आनंद ही परम सत्य है | आचार्य धम्मयश
हम कहीं भी और कभी भी ध्यान या सूत्रों का पाठ कर सकते हैं | Acharya Dhammayasha | आचार्य धम्मयश
स्वयं पर विजय प्राप्त करना ही सर्वश्रेष्ठ और सम्पूर्ण विजय है। | Acharya Dhammayasha | आचार्य धम्मयश
बुद्ध की सच्ची पूजा का रहस्य #gautambuddha #आचार्यधम्मयश #buddhism
क्या आप बंधन मुक्त होने के लिए तैयार हैं? #buddhism #wisdom
हर इंसान धोखेबाज़ नहीं होता!| Acharya Dhammayasha | आचार्य धम्मयश
स्वयं पर विजय प्राप्त करना ही सर्वश्रेष्ठ और सम्पूर्ण विजय है। | Acharya Dhammayasha | आचार्य धम्मयश
यह सूत्र सुनकर प्रेत भी प्रसन्न हो जाते हैं | Acharya Dhammayasha | आचार्य धम्मयश
एकाग्रचित्त होकर बुद्धानुस्मृति करने से सुखावती लोक की प्राप्ति होती है। | आचार्य धम्मयश
पितृभक्ति सूत्र: सच्चे जीवन का आधार #buddhism #pitribhakti #life
बुद्धत्व प्राप्त करने के पश्चात, तथागत ने क्या किया?| Acharya Dhammayasha | आचार्य धम्मयश
यह एक उपदेश आपका भाग्य बदल सकता है #Buddha #Teachings